google-site-verification=GIaeBD26iM1El1_Rs0O2-yeM0Lzle6sVyMjx02rEXhc " स्वस्थ रहने के सूत्र "

नमस्ते! मैं [R.k.yऔर "स्वस्थ रहने के सूत्र" के माध्यम से मैं हेल्थ टिप्स, घरेलू नुस्खे, योग और संतुलित जीवनशैली से जुड़ी सरल और उपयोगी जानकारी साझा करता/करती हूँ। मेरा उद्देश्य है — हर किसी को स्वस्थ और खुशहाल जीवन जीने की प्रेरणा देना।

Sunday, June 15, 2025

💖❤️‍🔥शरीर में पानी की मात्रा ❤️‍🔥💖

🍓💫एक वयस्क व्यक्ति के शरीर में औसतन 35 से 40 लीटर पानी हमेशा बना रहता है।

🍓💫जिस प्रकार नहाने से शरीर के बाहर की सफाई होती है, ठीक उसी प्रकार पानी पीने से शरीर के अंदर की सफाई होती है।

🍓💫पानी अधिक पीने से कोई हानि नहीं होती, अतिरिक्त पानी कुछ समय बाद शरीर के बाहर निकल जाता है, साथ ही अपने साथ अनुपयोगी पदार्थ भी साथ ले जाता है। इस प्रकार शरीर के अंदर की सफाई होती है।

🍓💫एक वयस्क पुरुष के शरीर में पानी उसके शरीर के कुल भार का लगभग 65 प्रतिशत और एक वयस्क स्त्री शरीर में उसके शरीर के कुल भार का लगभग 52 प्रतिशत तक होता है।

🍓💫हमारी हड्डियाँ, जो देखने में ठोस और कड़ी मालूम होती हैं, में 22 प्रतिशत पानी होता है। हमारे दाँतों में 10 प्रतिशत, त्वचा में 20, मस्तिष्क में 74.5, मांसपेशियों में 75.6, और खून में 83 प्रतिशत पानी होता है। 

🍓💫प्रतिदिन हमारे शरीर से 2.3 से 2.8 लीटर तक पानी विभिन्न रास्तों से बाहर निकल जाता है। गुर्दों से पेशाब के रूप में 1.5 लीटर, मल मार्ग से 0.13 लीटर, त्वचा से पसीने के रूप में 0.65 लीटर और साँस द्वारा फेफड़ों से 0.32 लीटर पानी शरीर से बाहर निकल जाता है।

🍓💫जो लोग अधिक पानी पीते हैं, उनके शरीर से प्रतिदिन विभिन्न रास्तों से अधिक पानी शरीर से बाहर निकलता है। 

🍓💫खून में पानी की मात्रा कम होने से मस्तिष्क के जल आपूर्ति सूचना केन्द्र हाइपोथैलेमस में संकेत पहुँचते हैं और हमें प्यास लग जाती है।

🍓💫पानी की उपयोगिताएँ
मलेरिया में जब ठंड लगती है, तब गुनगुना पानी पीना लाभदायक होता है।

🍓💫बुखार के रोगी का पसीना निकालने हेतु भी गरम पानी देना चाहिए।

🍓💫अम्लता के रोगी को व गठिया के रोगी को भी गुनगुना पानी पीना चाहिए। पेट दर्द में गरम पानी लाभ करता है, लेकिन इसे चुस्की लेकर पीना चाहिए।

🍓💫अजीर्ण रोग, वात रोग तथा कामला रोग में पानी औषधि का काम करता है, कामला में 6-7 लीटर पानी पीने का प्रयास करना चाहिए।

🍓💫जुकाम होने पर नीबू डालकर पानी पीने से लाभ होता है। पथरी रोग में पर्याप्त पानी पीने से यकृत साफ रहता है, पित्त तरल होता है व पथरी गलकर निकल जाती है।

🍓💫पानी से हानियाँ
भोजन के बीच में अधिक पानी पीना हानिकारक है।

🍓💫प्यास के बिना पानी नहीं पीना चाहिए, प्यास लगे इसके लिए नमकीन या कुछ मीठा पदार्थ खा लेना चाहिए।

🍓💫भोजन के आधा घंटा पहले तथा भोजन के बाद एक घंटे बाद तक पानी न पिएँ, भोजन के बीच में भी ज्यादा पानी न पिएँ, इससे हाजमा बिगड़ जाता है।

Saturday, June 14, 2025

🌰 चुकंदर के घरेलू उपचार 🌰

🍓चुकंदर लिवर,पित्ताषय,तिल्ली, और गुर्दे के विकारों को लाभप्रद पाया गया है। इन अंगों के दूषित तत्वों को बाहर निकालने की शक्ति चुकंदर में पाई गई है।

🍓चुकंदर में विटामिन सी पर्याप्त मात्रा में पाया जाता है।केल्शियम,फ़ास्फ़ोरस और लोह तत्व भी खूब होता है।इसमें पाये जाने वाले आयरन से कब्ज नहीं होती है।

🍓चुकंदर अपने क्षारीय तत्वों की वजह से अम्लपित्त(एसीडीटी) में उपयोगी रहता है।

🍓चुकंदर धमनियों में केल्शियम जमने के रोग में अति उपयोगी है।

🍓चुकंदर ब्लड प्रेशर को सामान्य और नियमित करता है।
चुकंदर के जूस में शहद मिलाकर पीने से आमाषय के अल्सर में लाभ मिलता है।

🍓चुकंदर का जूस और गाजर का जूस बराबर मात्रा में मिलाकर पीने से पित्ताषय(गाल ब्लाडर) और किडनी के रोग नष्ट होते हैं।

🍓चुकंदर में पाया जाने वाला क्लोरिन लिवर के विजातिय पदार्थों को निष्कासित करने(डिटाक्सीफ़ाई) में मददगार होता है।

🍓चुकंदर में सोडियम,पोटेशियम,फ़ासफ़ोरस,केल्यशियम,आयोडीन,आयरन,ताम्र,विटामिन-बी१,बी२,बी३,बी६ और विटामिन "सी" पाया जाता है।

🍓इसमें एक शक्तिशाली एन्टिआक्सीडेंट पाया जाता है जिसका नाम है- बीटासायनिन. इसमें केंसर से लडने और प्रतिकार की शक्ति है।

 🍓चुकंदर के गहरे लाल रंग के लिये बीटासायनिन उत्तरदायी है।
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Friday, June 13, 2025

💫आयुर्वेदिक काढ़े 💫

☑️👉आयुर्वेदिक दवाओं की जानकारी के अंतर्गत इस बार हम आयुर्वेदिक काढ़े की जानकारी दे रहे हैं।

☑️👉दशमूल काढ़ा : विषम ज्वर, मोतीझरा, निमोनिया का बुखार, प्रसूति ज्वर, सन्निपात ज्वर, अधिक प्यास लगना, बेहोशी, हृदय पीड़ा, छाती का दर्द, सिर व गर्दन का दर्द, कमर का दर्द दूर करने में लाभकारी है व अन्य सूतिका रोग नाशक है।

☑️👉महामंजिष्ठादि काढ़ा : समस्त चर्म रोग, कोढ़, खाज, खुजली, चकत्ते, फोड़े-फुंसी, सुजाक, रक्त विकार आदि रोगों पर विशेष लाभकारी है।

☑️👉महासुदर्शन काढ़ा : विषम ज्वर, धातु ज्वर, जीर्ण ज्वर, मलेरिया बुखार आदि समस्त ज्वरों पर विशेष लाभकारी है, भूख बढ़ाता है तथा पाचन शक्ति बढ़ाता है। श्वास, खांसी, पांडू रोगों आदि में हितकारी। रक्त शोधक एवं यकृत उत्तेजक ।

☑️👉महा रास्नादि काढ़ा : समस्त वात रोगों में लाभकारी। आमवात, संधिवात, सर्वांगवात, पक्षघात, ग्रध्रसी, शोथ, गुल्म, अफरा, कटिग्रह, कुब्जता, जंघा और जानु की पीड़ा, वन्ध्यत्व, योनी रोग आदि नष्ट होते हैं।

☑️👉रक्त शोधक : सब प्रकार की खून की खराबियां, फोड़े-फुंसी, खाज-खुजली, चकत्ते, व्रण, उपदंश (गर्मी), आदि रोगों पर लाभकारी है तथा खून साफ करता है।

☑️👉सामान्य मात्रा : 10 से 25 मिली तक बराबर पानी मिलाकर भोजन करने के बाद दोनों समय पिए जाते हैं।
विविध
अर्क अजवायन : पेट व आंतों के दर्द में लाभकारी। बदहजमी, अफरा, अजीर्ण, मंदाग्नि में लाभप्रद। दीपक तथा पाचक व जिगर की बीमारियों को दूर करता है।

☑️👉अर्क दशमलव : प्रसूत ज्वर एवं सब प्रकार के वात रोगों में लाभदायक है।
अर्क सुदर्शन : अनेक तरह के बुखारों में लाभदायक है। पुराने बुखार, विषम ज्वर, त्रिदोष ज्वर, इकतारा, तिजारी बुखारों को नष्ट करता है।

☑️👉अर्क सौंफ : भूख बढ़ाता है। आंव-पेचिस आदि में लाभदायक है। मेदा व जिगर की बीमारियों में फायदेमंद है। प्यास व अफरा कम करता है। पित्त, ज्वर, बदहजमी, शूल, नेत्ररोग आदि में लाभकारी है।

☑️👉खमीरा गावजवां : दिल-दिमाग को ताकत देता है। घबराहट व चित्त की परेशानी दूर करता है। प्यास कम करता है, नेत्रों को लाभदायक है। खांसी, श्वास (दमा), प्रमेह आदि में लाभकारी। मात्रा 10 से 25 ग्राम सुबह-शाम चाटना चाहिए।

☑️👉खमीरा सन्दल : अंदरूनी गर्मी को कम करता है, प्यास को कम करता है, दिल को ताकत देता है व खास तौर पर दिल की धड़कन को कम करता है। पैत्तिक दाह, मुंह सूखना, घबराहट, जलन, गर्मी से जी मिचलाना तथा मूत्र दाह में लाभकारी।

 ☑️👉शीतल व शांतिदायक। गर्भवती स्त्रियों के लाभदायक। मात्रा 10 से 25 ग्राम सुबह, दोपहर व शाम अर्क गावजवां के साथ या केवल चाटना चाहिए।

☑️👉गुलकन्द प्रवाल युक्त : अत्यंत शीतल है। कब्ज दूर करता है व पाचन शक्ति बढ़ाता है। दिल, फेफड़े, मैदा व दिमाग को ताकत देता है। जिगर की सूजन व हरारत कम करता है। गर्भवती स्त्रियों के लिए विशेष लाभदायक है। गर्मी के मौसम में बालक, वृद्ध, स्त्री, पुरुष सबको इसका सेवन करना चाहिए। मात्रा 10 से 25 ग्राम सुबह शीतल जल या दूध के साथ लेना चाहिए।
माजून मुलैयन : हाजमा करके दस्त साफ लाने के लिए प्रसिद्ध माजून है। बवासीर के मरीजों के लिए श्रेष्ठ दस्तावर दवा। मात्रा रात को सोते समय 10 ग्राम माजून दूध के साथ।

☑️👉सिरका गन्ना : पाचक, रुचिकारक, बलदायक, स्वर शुद्ध करने वाला, श्वास, ज्वर तथा वात नाशक। मात्रा 10 से 25 मि.ली. सुबह व शाम भोजन के बाद।

☑️👉सिरका जामुन : यकृत (लीवर) व मेदे को लाभकारी। खाना हजम करता है, भूख बढ़ाता है, पेशाब लाता है व तिल्ली के वर्म को दूर करने की प्रसिद्ध दवा। मात्रा 10 से 25 मि.ली. सुबह व शाम भोजन के बाद। 
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☀️ गर्मी से बचने के 10 बेहतरीन उपाय ☀️

1. 💫 धूप में जाने से बचें:
दोपहर 11 बजे से 4 बजे तक सीधी धूप में जाने से बचें। इस समय धूप सबसे तेज़ होती है।

2.💫 खूब पानी पिएं:
दिनभर में 8–10 गिलास पानी जरूर पिएं। नींबू पानी, नारियल पानी या बेल का शरबत भी लें।

3. 💫 हल्के और ढीले कपड़े पहनें:
कॉटन के हल्के, ढीले और हल्के रंग के कपड़े पहनें ताकि शरीर को ठंडक मिले।

4. 💫 ठंडे और हाइड्रेटिंग फल खाएं:
जैसे – तरबूज, खीरा, खरबूजा, संतरा आदि।

5. 💫 घर के अंदर रहें:
ज्यादा गर्मी में अगर ज़रूरी न हो तो घर के अंदर ही रहें। खिड़कियों पर परदे लगाएं।

6. 💫हल्का और ताजा खाना खाएं:
ज्यादा तला-भुना और मसालेदार खाना खाने से पसीना ज्यादा आता है, जिससे थकावट होती है।

7. 💫सिर, पैर और गर्दन को ठंडा रखें:
ठंडी पट्टी या गीले कपड़े से सिर और गर्दन को ठंडा करें। नहाते समय ठंडे पानी का प्रयोग करें।

8. 💫 पंखा/कूलर/AC का उपयोग करें:
अगर संभव हो तो कूलर या AC का सही तरीके से इस्तेमाल करें, लेकिन बहुत ज्यादा ठंडा भी न करें।

9. 💫 छाता या कैप पहनें:
जब भी बाहर जाएं, तो छाता या टोपी जरूर साथ रखें ताकि धूप से सिर की सुरक्षा हो।

10.💫कैफीन और शराब से बचें:
ये शरीर को डीहाइड्रेट कर देते हैं, जिससे हीट स्ट्रोक का खतरा बढ़ता है।

Notes

अगर आप बच्चों, बुजुर्गों या गर्भवती महिलाओं की देखभाल कर रहे हैं, तो इन सावधानियों का और ज्यादा ध्यान रखें।

अगर आपको सिर दर्द, चक्कर, उल्टी, तेज बुखार या बहुत पसीना आ रहा है, तो फौरन डॉक्टर से संपर्क करें, ये हीट स्ट्रोक के लक्षण हो सकते हैं/

  




खाली सीपी

खाली सीपी अगर यहाँ बैठो तुम खाली सीपी बनकर जो आने दे अंदर आती साँस को ताकि वो सृजन की प्राणदायी महक से पखार दे तुम्हारे अंतस को और निकाल दे ...