google-site-verification=GIaeBD26iM1El1_Rs0O2-yeM0Lzle6sVyMjx02rEXhc " स्वस्थ रहने के सूत्र "

नमस्ते! मैं [R.k.yऔर "स्वस्थ रहने के सूत्र" के माध्यम से मैं हेल्थ टिप्स, घरेलू नुस्खे, योग और संतुलित जीवनशैली से जुड़ी सरल और उपयोगी जानकारी साझा करता/करती हूँ। मेरा उद्देश्य है — हर किसी को स्वस्थ और खुशहाल जीवन जीने की प्रेरणा देना।

Friday, May 2, 2025

💫कब खाएं, कैसे खाएं 💫

👉भोजन कम से कम 20-25 मिनट तक खूब चबा-चबाकर एवं उत्तर या पूर्वाभिमुख होकर करें। जल्दी या अच्छी तरह चबाये बिना भोजन करने वाले चिड़चिड़े व क्रोधी स्वभाव के हो जाते हैं।

👉सुबह 9 से 11 और शाम 5 से 7 के बीच भोजन करना चाहिए। ऋषियों व आयुर्वेदाचार्यों ने बिना भूख लगे भोजन करना वर्जित बताया है। अतः प्रातः एवं शाम के भोजन की मात्रा ऐसी रखें, जिससे ऊपर बताये समय में खुलकर भूख लगे।

👉बिना भूख के खाना रोगों को आमंत्रित करना है। कोई कितना भी आग्रह करे पर आप सावधान रहें। पेट आपका है। पचाना आपको है।

👉भोजन करने एवं पेय पदार्थ लेने के बाद पानी से कुल्ले करने चाहिए। जूठे मुँह रहने से बुद्धि क्षीण होती है और दाँतों व मसूड़ों में कीटाणु जमा हो जाते हैं।
पेय पीना हो तो....

👉कोई भी पेय पीना हो तो इड़ा नाड़ी अर्थात् नाक का बायाँ स्वर चालू होना चाहिए। यदि दायाँ स्वर चालू हो तो दायाँ नथुना दबाकर बाँयें नथुने से श्वास लेते हुए ही पियें।

👉चाय-कॉफी स्वास्थ्य के लिए अत्यन्त हानिकारक साबित हुए हैं। अतः इनसे बचें। प्रातः खाली पेट चाय या कॉफी भूलकर भी न पियें व दुश्मन को भी न पिलायें।Like and comment 

💖 स्वस्थ रहने के लिए कुछ नियम 💖

स्वस्थ रहने के लिए खानपान के कुछ नियमों का पालन करना बहुत ही आवश्यक है। इन नियमों का पालन करके ही व्यक्ति स्वस्थ रह सकता है। जब कोई व्यक्ति खानपान के नियमों के विपरीत भोजन का सेवन करता है तो उसके शरीर में कई प्रकार के रोग उत्पन्न हो जाते हैं जिसके कारण रोगी का स्वास्थ्य दिन प्रतिदिन गिरने लगता है। अत: सभी व्यक्तियों को भोजन संबन्धी नियमों का पालन करना चाहिए।

भोजन संबन्धी कुछ नियम :-

⭐सभी व्यक्तियों को भोजन अपनी भूख से कम ही करना चाहिए। भोजन को खूब चबा-चबाकर खाना चाहिए और हमेशा पौष्टिक भोजन करना चाहिए। इस प्रकार का भोजन करने से रोगी व्यक्ति का स्वास्थ्य अच्छा बना रहता है।

⭐ व्यक्तियों को वही भोजन सेवन करना चाहिए जो औषधि के सामान होता है अर्थात वही भोजन करना चाहिए जो शुद्ध हो। कभी भी ऐसा भोजन नहीं करना चाहिए जो दूषित हो तथा शरीर को नुकसान पहुंचाने वाला हो।

⭐सभी व्यक्तियों को सुबह तथा शाम के समय में योग तथा व्यायाम करना चाहिए क्योंकि इससे स्वास्थ्य अच्छा बना रहता है। योग और व्यायाम का लाभ किसी प्रकार की औषधि से कम नहीं होता है। जिस प्रकार औषधि रोगों को ठीक कर देती है, वह भी बिना खर्च किये, ठीक उसी प्रकार योग तथा व्यायाम भी बिना खर्चे कई प्रकार के रोगों को ठीक कर देता है।

⭐ सभी मनुष्यों को हमेशा शांत तथा हसंमुख रहना चाहिए क्योंकि इससे स्वास्थ्य सही बना रहता है तथा शरीर निरोगी हो जाता है।

⭐ क्रोध, गुस्सा तथा लड़ाई झगड़ा नहीं करना चाहिए क्योंकि इससे शरीर का नाश होता है तथा शरीर का स्वास्थ्य दिन-प्रतिदिन गिरता है।

⭐ व्यक्तियों को अपने जिंदगी में कभी भी निराश नहीं होना चाहिए तथा हमेशा खुश रहने की कोशिश करनी चाहिए तभी शरीर का स्वास्थ्य बना रह सकता है।

⭐व्यक्तियों को खाना ऐसा खाना चाहिए जिससे शरीर को लाभ मिलता हो तथा पानी वह पीना चाहिए जो शरीर को निरोगी कर दें तथा सभी व्यक्तियों से ऐसी बोली बोलनी चाहिए जो सबको प्यारी लगती हो।

⭐ दिन में एक बार भोजन करना योग के समान होता है अर्थात जो व्यक्ति दिन में 1 बार भोजन करता है उससे उसके शरीर का स्वास्थ्य बना रहता है। जो व्यक्ति दिन में 2 बार भोजन करता है वह भोगी के समान होता है अथार्त उस व्यक्ति का स्वास्थ्य सही नहीं बना रहता है। जो व्यक्ति दिन में 3 बार भोजन करता है उसका भोजन रोगी के सामान होता है क्योंकि ऐसा करने से शरीर में कई प्रकार के रोग हो जाते हैं और शरीर का स्वास्थ्य दिन-प्रतिदिन गिरने लगता है। जब कोई व्यक्ति इन नियमों का पालन करता है तो उसका स्वास्थ्य बना रहता है तथा उसके शरीर में कोई रोग भी नहीं होते हैं।
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💫 स्पेशल हेल्थ टिप्स फॉर यूथ 💫

यदि आप अपनी सेहत बनाने की सोच रहे हैं तो सबसे पहले जरूरत है अपनी दिनचर्या सुधारने की। उसके लिए पेट साफ रखने की भी जरूरत है। पेट में कब्ज रहेगा तो कितने ही पौष्टिक पदार्थों का सेवन करें, लाभ नहीं होगा।

भोजन समय पर तथा चबा-चबाकर खाना चाहिए, ताकि पाचन शक्ति ठीक बनी रहे, फिर पौष्टिक आहार या औषधि का सेवन करना चाहिए। आचार्य चरक ने कहा है कि पुरुष के शरीर में वीर्य तथा स्त्री के शरीर में ओज होना चाहिए, तभी चेहरे पर चमक व कांति नजर आती है और शरीर पुष्ट दिखता है।

हम यहाँ कुछ ऐसे पौष्टिक पदार्थों की जानकारी दे रहे हैं, जिन्हें किशोरावस्था से लेकर युवावस्था तक के लोग सेवन कर लाभ उठा सकते हैं और बलवान बन सकते हैं-

सोते समय एक गिलास मीठे गुनगुने गर्म दूध में एक चम्मच शुद्ध घी डालकर पीना चाहिए।
दूध की मलाई तथा पिसी मिश्री जरूरत के अनुसार मिलाकर खाना चाहिए, यह अत्यंत शक्तिवर्द्धक है।

एक बादाम को पत्थर पर घिसकर दूध में मिलाकर पीना चाहिए, इससे अपार बल मिलता है। बादाम को घिसकर ही उपयोग में लें।

छाछ से निकाला गया ताजा माखन तथा मिश्री मिलाकर खाना चाहिए, ऊपर से पानी बिलकुल न पिएँ।

50 ग्राम उड़द की दाल आधा लीटर दूध में पकाकर खीर बनाकर खाने से अपार बल प्राप्त होता है। यह खीर पूरे शरीर को पुष्ट करती है।

प्रातः एक पाव दूध तथा दो-तीन केले साथ में खाने से बल मिलता है, कांति बढ़ती है।

एक चम्मच असगंध चूर्ण तथा एक चम्मच मिश्री मिलाकर गुनगुने एक पाव दूर के साथ प्रातः व रात को सेवन करें, रात को सेवन के बाद कुल्ला कर सो जाएँ। 40 दिन में परिवर्तन नजर आने लगेगा।

सफेद मूसली या धोली मूसली का पावडर, जो स्वयं कूटकर बनाया हो, एक चम्मच तथा पिसी मिश्री एक चम्मच लेकर सुबह व रात को सोने से पहले गुनगुने एक पाव दूध के साथ लें। यह अत्यंत शक्तिवर्धक है।

सुबह-शाम भोजन के बाद सेवफल, अनार, केले या जो भी मौसमी फल हों, खाएँ।

सुबह एक पाव ठंडे दूध में एक बड़ा चम्मच शहद मिलाकर पीने से खून साफ होता है, शरीर में खून की वृद्धि होती है।

प्याज का रस 2 चम्मच, शहद 1 चम्मच, घी चौथाई चम्मच मिलाकर सेवन करें और स्वयं शक्ति का चमत्कार देखें। यह नुस्खा यौन शक्ति बढ़ाने में अचूक है।

उपरोक्त नुस्खे स्त्री-पुरुष दोनों के लिए समान हैं। इन्हें अनुकूल मात्रा में उचित विधि से सुबह-रात को सेवन करना चाहिए।
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खाली सीपी

खाली सीपी अगर यहाँ बैठो तुम खाली सीपी बनकर जो आने दे अंदर आती साँस को ताकि वो सृजन की प्राणदायी महक से पखार दे तुम्हारे अंतस को और निकाल दे ...